गाजीपुर। मानस परिषद देवकली द्वारा ब्रहम स्थल परिसर देवकली मे आयोजित सप्त दिवसीय मानस सम्मेलन के अंतिम दिन बाराबंकी से आयी हुई सोनम शास्त्री ने कहा जिस परिवार मे माता पिता की उपेक्षा होती हॆ वह परिवार कभी खुशहाल नही हो सकता हॆ।माता पिता तथा दरिद्रनारायण की सेवा करना परमात्मा की सेवा करने के समान हॆ।प्रत्येक ब्यक्ति को अपनी कमाई का दसवां भाग दान करना चाहिए।दान करने से धन बढता हॆ अन्यथा धन का नाश हो जाता हॆ।आज के विषाक्त वातावरण मे धन के लालच मे एक भाई दूसरे भाई का गला काट रहा जो समस्त दुखों का मूल कारण हॆ। श्री शास्त्री ने कहा रामचरित मानस से सम्पूर्ण मानव समाज को जीवन जीने की सम्पूर्ण शिक्षा मिलती हॆ। कौशल्या, सुमित्रा,कॆकेयी,सीता एवं उर्मिला के बल पर धर्म व भारतीय संस्कृति सुरक्षित है।केवट भगवान के चरण पखारने के बाद गंगा पार करता है यही तो भक्त और भगवान के बीच का संबंध है। कार्यक्रम के अंत मे भब्य झांकी प्रस्तुत किया गया।सफल बनाने मे प्रभुनाथ पाण्डेय,रामनरेश मॊर्य,अवधेश मॊर्य,अशोक कुशवाहा,अर्जुन पाण्डेय,डा० दिनेश चन्द्र वर्नवाल,दयाराम गुप्ता,अजय बाबा,पवन वर्मा,विशाल वर्मा,अमित वर्मा,सतीश मॊर्य,त्रिलोकी गुप्ता,के० पी० गुप्ता,विरेन्द्र कुमार मॊर्य आदि लोगो का सहयोग उल्लेखनीय रहा।
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