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नैनो उर्वरक जागरुकता अभियान के तहत दिया गया प्रशिक्षण

गाजीपुर। नैनो उर्वरक जागरूकता अभियान के अन्तर्गत इफको द्वारा कृषि विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि भवन गाजीपुर में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उप कृषि निदेशक विजय कुमार,जिला कृषि अधिकारी गाज़ीपुर उमेश कुमार ,इफको गोरखपुर वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. विनोद कुमार सिंह,इफको क्षेत्र अधिकारी ग़ाज़ीपुर  सचिन तिवारी , तकनिकी सहायक पारसनाथ ,एस एफ ए हॉट स्पॉट इफको वेद प्रकाश राय ,इफको ई बाजार रेवतीपुर के विक्रय अधिकारी  हरीश कुमार मिश्रा जी व इफको एमसी के अमित सिंह समेत 80 कर्मचारियों  ने प्रतिभाग किया।कार्यक्रम में सहायक विकास अधिकारी कृषि, तकनीकी सहायक कृषि सहित समस्त कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।क्षेत्र अधिकारी इफको गाजीपुर द्वारा किसानों को फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों के बारे में जानकारी दी गई किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया प्लस के प्रयोग विधि एवं लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई नैनो डीएपी के 5 मिली लीटर प्रति किलो की दर से बीज शोध एवं 5 मिली लीटर प्रति लीटर के दर से जड़ शोधन करने के बाद आधा घंटा का सुखाए उसके बाद बुवाई रोपाई कर दें एवं जब फसल में पत्तियां आ जाए तो नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी का एक साथ 4ml/ लीटर के दर से पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें, द्वितीय यूरिया टापड्रेसिंग में सभी किसान भाई दानेदार यूरिया के स्थान पर नैनो यूरिया का छिड़काव पत्तियों पर करें और यदि धान की फसल में जिंक की कमी का लक्षण दिख रहे हैं तो नैनो यूरिया के साथ नैनो जिंक 1- 2 मिली लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव कर सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने लगातार फास्फेटिक के उपयोग को कम कर करके नैनो यूरिया नैनो डीएपी सागरिका के प्रयोग को अधिक से अधिक प्रयोग करने के अपील की। इफको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक गोरखपुर डा. वीके सिंह जी  ने कहा कि नैनो उर्वरकों के प्रयोग से कृषकों के लागत में भी कमी आएगी साथ ही यूरिया एवं डीएपी के अत्यधिक प्रयोग से जल, मृदा एवं पर्यावरण को होने वाले नुकसान से भी अवगत कराया।रवी सीजन में सभी किसान भाई मुख्य फसलों में गेहूं ,सरसों ,आलू ,चना ,मटर में नैनो डीएपी से बीज शोधित कर बुवाई करें एवं दानेदार डीएपी की मात्रा आधी प्रयोग करें नैनो डीएपी 500 मिलीलीटर की बोतल से 100 किलोग्राम बीज को शोधित कर सकते हैं एवं मात्र ₹600 की है जो की दानेदार डीएपी से काफी सस्ता है नैनो डीएपी के प्रयोग से लागत में कमी आएगी साथी उत्पादन के साथ उत्पाद की गुणवत्ता भी बढ़ती है। मुख्य अतिथि उप कृषि निदेशक विजय कुमार द्वारा कृषकों को संतुलित मात्रा में उर्वरक प्रयोग के साथ नैनो तकनीक पर आधारित नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी एवं नैनो जिंक के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया एवं दानेदार उर्वरकों पर भारत सरकार द्वारा दी जा रही भारी भरकम सब्सिडी से भी अवगत कराया गया।

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