गाजीपुर। स्टार पैलेस, गाज़ीपुर में सामाजिक संस्था संयुक्त सशक्त युवा द्वारा स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डाक्टर स्वतंत्र सम्मिलित हुए। इस अवसर पर संस्था के विशेष सम्मान “तरुण रत्न” से मुख्य अतिथि को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शामिल हुए बच्चों एवं अन्य लोगों को संबोधित करते हुए डॉ सिंह ने गाजीपुर और स्वामी विवेकानन्द के सम्बन्धों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “स्वामी जी जनवरी 1890 से अप्रैल 1890 तक रहे। वे अपने बचपन के मित्र सतीश चन्द्र मुखर्जी के गोराबाजार स्थिति घर पर ठहरे हुए थे।उनका उद्देश्य शहर से सटे ग्रामसभा कुर्था में स्थित पवहारी बाबा से मिलना व हठयोग सीखना था। गाजीपुर प्रवास के दौरान उन्होंने पवहारी बाबा से मुलाकात किया और उनसे ज्ञान प्राप्त किया। स्वामी जी कई दिनों तक बाबा के साथ उनके कुटिया में रहे। स्वामी जी पवहारी बाबा से काफी प्रभावित हुए। स्वामी विवेकानंद परमहंस रामकृष्ण के शिष्य थे। कार्यक्रम की सबसे सुंदर और भावनात्मक कड़ी विभिन्न विद्यालयों से आए बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई प्रेरणादायक प्रस्तुतियाँ रहीं। स्वामी विवेकानंद जी के विचारों, आदर्शों और राष्ट्रप्रेम को बच्चों ने जिस आत्मविश्वास, अनुशासन और भावपूर्ण अभिव्यक्ति के साथ मंच पर जीवंत किया, वह वास्तव में अत्यंत सराहनीय एवं अनुकरणीय है। इन नन्हे कलाकारों की प्रतिभा, संस्कार और मंचीय दक्षता ने यह स्पष्ट कर दिया कि हमारा भविष्य सुरक्षित और सशक्त हाथों में है।संयुक्त सशक्त युवा के कर्मठ एवं ऊर्जावान प्रमुख श्री नीरज तरुण एवं श्री डी. के. तरुण को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा “जिन्होंने स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं और बच्चों को प्रेरणा देने वाले महोत्सव के रूप में आयोजित किया और मुझे इस पावन आयोजन का सहभागी बनने का अवसर प्रदान किया उसके लिए हदृय की गहराइयों से धन्यवाद”।निश्चय ही ऐसी संस्थाएँ समाज में सकारात्मक चेतना का प्रवाह व संचार करती हैं और नई पीढ़ी को संस्कार, आत्मविश्वास व राष्ट्रसेवा के पथ पर अग्रसर करती हैं।
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