Breaking News
Home / ग़ाज़ीपुर / डालिम्स सनबीम स्कूल गांधीनगर में रंगोली प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन, बोले हर्ष राय- रचनात्मक कर्म, कला, कौशल से आती है व्यक्तित्व में कांति

डालिम्स सनबीम स्कूल गांधीनगर में रंगोली प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन, बोले हर्ष राय- रचनात्मक कर्म, कला, कौशल से आती है व्यक्तित्व में कांति

गाजीपुर। डालिम्स सनबीम स्कूल गांधी नगर के सुविज्ञ परिसर में शुक्रवार को स्थापित अलंकृत बहुउद्देशीय सभागार और विभिन्न कक्षाओं में कीर्तिमार्जय पर्व द्युति, दीपान्विता यानी दीपावाली के सन्निहित अवसर पर कलात्मक पत्रक बनावट प्रतियोगिता, दीया रंजन प्रतियोगिता, दीया भूषण प्रतियोगिता, कंदील प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, वंदनवार प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता का आरोह आयोजन छात्र-छात्राओं के निर्वाह, बोध और कौशल से सम्पन्न हुआ। सर्वप्रथम डालिम्स सनबीम स्कूल गांधी नगर के द्रष्टा निदेशक हर्ष राय और प्राज्ञी प्रधानाचार्या डॉ. प्रेरणा राय की बौद्धिक उपस्थिति में मोहम्मदाबाद सर्किल के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) पीपीएस सुधाकर पांडेय द्वारा ज्ञान वाड़ग्मय को संस्थित करने वाली वाग्देवी महाश्वेता की प्रतिमा के समक्ष आस्था की दीपशिखा को प्रज्ज्वलित कर समारोह को संचित किया गया। तत्पश्चात डालिम्स सनबीम स्कूल गांधी नगर की की प्रज्ञावान छात्र-छात्राओं के समूह ने अपनी वाग्मिता, रचनात्मकता, कलात्मकता, कर्म, कौशल से लब्ध सर्जना से दीपान्विता यानी दीपावाली के सन्निहित अवसर पर कलात्मक पत्रक बनावट प्रतियोगिता, दीया रंजन प्रतियोगिता, दीया भूषण प्रतियोगिता, कंदील प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, वंदनवार प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता को अपना उपाख्यान दिया। समारोह का मुख्य वक्तव्य देते हुए डालिम्स सनबीम स्कूल गांधी नगर परिसर में मुख्य अतिथि के रूप में मंचस्थ पुलिस क्षेत्राधिकारी सुधाकर मिश्रा ने अभिमुख मंच से कहा कि रचनात्मक कर्म, कला और कौशल मनुष्य के आंतरिक और बाहरी विकास के लिए आवश्यक हैं, जो भावना, ज्ञान और अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रगति करते हैं. डालिम्स सनबीम स्कूल गांधी नगर की प्रधानाचार्या डॉ. प्रेरणा राय के अभिकथन और अभिकल्पन में छात्रों की रचनात्मकता, मौलिकता और नवीनता हमें प्रशस्ति हेतु मुग्ध करती है. कला कौशल की कोशिका अभिव्यक्ति का एक माध्यम है जो सौंदर्यबोध और भावनाओं को जगाती है. कौशल, जो अक्सर एक विशेष शिल्प से जुड़े होते हैं, इस रचनात्मक प्रक्रिया को वास्तविकता में बदलने के लिए आवश्यक उपकरण प्रदान करते हैं, जिससे एक ठोस और उपयोगी परिणाम मिलता है. मेरे अनुभव बोध का ज्ञान दर्शन मानव अनुभव को समृद्ध करने के लिए इन तीनों को एक-दूसरे का पूरक मानता है, जिसे डालिम्स सनबीम स्कूल गांधी नगर आज अपने परिसर में आयोजित कलात्मक पत्रक बनावट प्रतियोगिता, दीया रंजन प्रतियोगिता, दीया भूषण प्रतियोगिता, कंदील प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, वंदनवार प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता के वाया स्वयं की निर्बाध अभिक्षमता को साबित कर रहा है. सीओ सुधाकर मिश्रा ने छात्रों को धीर के रूप में कबीर की अभिव्यंजना की प्रयोगधर्मी प्रेरणा दी। मुख्य अतिथि पीपीएस अधिकारी सुधाकर पांडेय ने कलात्मक पत्रक बनावट प्रतियोगिता, दीया रंजन प्रतियोगिता, दीया भूषण प्रतियोगिता, कंदील प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, वंदनवार प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता के विजेता को पदक और पुरस्कृत करते हुए विद्यालय दल के रूप में ब्ल्यू हाउस को विजेता, रेड हाउस को उपविजेता और ग्रीन-यलो को संयुक्त उपविजेता के रूप में पदक से अलंकृत कर प्रशस्ति दी। प्राज्ञी प्रधानाचार्या डॉ. प्रेरणा राय ने अभिमुख शिक्षकों और छात्रों के समुदाय को अभिभाषित करते हुए कहा कि कला का अर्थ है कलात्मकता के कौशल के चक्षु के प्रकाश को पहचानना. रचनात्मक कर्म किसी भी क्षेत्र में कुछ नया, मौलिक और उपयोगी बनाने की प्रक्रिया है. इसमें विचारों को उत्पन्न करना, समस्याओं को हल करना और दुनिया को एक नए दृष्टिकोण से देखना शामिल है. डॉ. प्रेरणा राय ने कहा कि यह दर्शन है कि कला केवल कला के लिए नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी शक्ति है जो व्यक्तिगत और सामाजिक परिवर्तन ला सकती है. यह व्यक्ति को अपनी प्रतिभा को उजागर करने और समाज में योगदान करने में सक्षम बनाती है. डालिम्स सनबीम स्कूल गांधी नगर अपनी इस सामाजिक और शैक्षिक उपादेयता का सर्व सुलभ निर्वहन कर रहा है। कलात्मक पत्रक बनावट प्रतियोगिता, दीया रंजन प्रतियोगिता, दीया भूषण प्रतियोगिता, कंदील प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, वंदनवार प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता की छात्रों की अभिक्षमता और कला भाषा से अभिकल्पित पुष्ट समारोह की अध्यक्षता करते हुए डालिम्स सनबीम स्कूल गांधी नगर के अन्वेषी निदेशक हर्ष राय ने अपने जागृत उद्बोधन में कहा कि डालिम्स सनबीम स्कूल गांधी नगर के द्वारा फलित ऐसी सभी प्रतियोगिताओं का विस्तार छात्रों को ऐसी सभी कलात्मक और रचनात्मक अभिव्यक्तियों में सक्षम बनाएंगी है जो लोगों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं, उन्हें एक अलग दुनिया में ले जाएंगी हैं और उनकी कल्पना को जागरूक बनाएंगी. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के मस्तिष्क में ज्ञान और समझ के उद्देश्य को न केवल सूचित करती हैं, बल्कि यह उनके अभिभ और पाठकों को दुनिया के रहस्यों और बारीकियों के बारे में एक नया दृष्टिकोण प्रदान करती हैं, जिससे उनकी समझ गहरी होती है। डालिम्स सनबीम स्कूल गांधी नगर के नीरव परिसर में वैविध्य आयोजित प्रतियोगिता को अपनी व्यवस्थित और सुसंस्कृत अभिकल्पन की अभिव्यक्ति गतिविधि प्रभारी नेहा राय द्वितीय ने दिया. समारोह को उप-प्रधानाचार्य अमित कुमार राय की संगति में विद्यालय के संकाय परिषद के सदस्यों सर्वश्री नरेंद्र राय, रितेश कुमार राय, जोखन यादव, तौसीफ़ अहमद ख़ान, आशु सिंह, अजित कुमार, अंजली राय, अनुज राय, अर्चना गुप्ता, आशुतोष यादव, अवधेश प्रसाद, धनंजय, दुर्गेश प्रताप सिंह, मधुलिका सिंह, माह-ए-तलअत, मुस्कान सोनी, नमो नारायण पांडेय, मोहम्मद मुक़ीम अंसारी, नंदिनी मिश्रा, नेहा राय, निधि राय, ओंकार नाथ तिवारी, पिंकी पांडेय, पूजा सिंह, प्रतिमा तिवारी, प्रवेश कुमार, रचना गुप्ता, रागिनी पांडेय, राजकुमारी सिंह, राम नारायण राय, रश्मि गुप्ता, रीता यादव, ऋतु यादव, रूपेश कुमार शर्मा, साक्षी मिश्रा, सत्येंद्र प्रताप सिंह, सीमा तिवारी, शालू गुप्ता, शेषनाथ यादव, श्वेता यादव, सूर्य सिंह, सुशील राय, विजय लक्ष्मी यादव, विनोद शर्मा, विश्वजीत सिंह, जाकिर अहमद, आरती सिंह, प्रिया राय, अर्शी फ़ातिमा, जागृति श्रीवास्तव, अजय कुमार पाल, रूपेश कुमार पांडेय, विश्वजीत सिंह आदि ने प्रयोजन के मूलक को अपने-अपने बौद्धिक श्रम से लालित्य की उर्जा दी.

[smartslider3 slider="4"]

About admin

Check Also

शाहीन परवीन ने गाजीपुर का नाम किया रोशन, राज्‍यपाल ने दिया गोल्‍ड मेडल

गाजीपुर। भाजपा के सदर पश्चिमी मंडल मीडिया प्रभारी परवेज खान की भतीजी शाहीन परवीन (खुशी) …