शिवकुमार
गाजीपुर। जहुराबाद विधानसभा में सियासत बहुत ही रोचक मोड़ पर आ गयी है। राजनीतिक पंडितो का धयान सांसद अफजाल अंसारी पर टिकी है कि बेटी या दोस्त में किसे चुनते हैं। इसको लेकर जहुराबाद के चट्टी-चौराहों पर चर्चा खूब हो रही है। अंसारी बंधुओं का बहुत पहले से ही जहुराबाद विधानसभा पर निगाह लगी रहती है कि किस तरह से सेंधमारी कर मुहम्मदाबाद की तरह जहुराबाद विधानसभा पर अपने वर्चस्व का परचम लहराया जाये। बहादुरगंज नगर पंचायत में अध्यक्ष पद पर रेयाज अंसारी को कई बार चुनाव जिताकर अपने राजनैतिक शक्ति का प्रदर्शन किया था। जब इनके खिलाफ सपा का हाईकमान निर्णय लेता था तो उसको भी चुनौती देते थे। 2007 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर डा. सानंद सिंह जहुराबाद विधानसभा का चुनाव लड़ रहे थे तभी अंसारी बंधुओं ने अपने सबसे विश्वसनीय शिवपूजन चौहान को मैदान में उतारा। जिससे समाजवादी पार्टी हार गयी। इसकी चर्चा लखनऊ तक गुंजी लेकिन समय के साथ मामला रफा-दफा हो गया। कासिमाबाद ब्लाक पर स्व. रामायण सिंह और अनिल राम को प्रमुख बनाकर अपना दबदबा कायम रखा। इस क्षेत्र के कई जिला पंचायत सीटों पर भी इनके लोगों का कब्जा है। लोकसभा चुनाव 2024 में पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा ने अफजाल अंसारी का साथ पूरे दमखम के साथ दिया। और अफजाल अंसारी करीब सवा लाख मतों से चुनाव जीत गये। इस ऋण को चुकाने के लिए अफजाल अंसारी ने उमाशंकर कुशवाहा को विधानसभा चुनाव में सदर विधानसभा से टिकट दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया लेकिन वह सफल नही हो सके। अफजाल अंसारी ने हार नही मानी और अवसर की तलाश में हमेशा लगे रहते हैं। पूर्व मंत्री कैलाश यादव के श्रद्धांजलि सभा में सांसद अफजाल अंसारी ने मंच से यदुवंशियों से अपील किया कि वह कुर्बानी दे, अति पिछड़ों को भी चुनाव लड़ने का अवसर दें। हालाकिं अफजाल अंसारी का यह दांव उलटा पड़ गया और यदुवंशी नेताओं ने पुरजोर सांसद के इस बयान का विरोध किया। इसके बाद अफजाल अंसारी के इशारे पर उमाशंकर कुशवाहा जहुराबाद में भ्रमण करने लगे। सुख-दुख में शामिल होने लगे। सांसद जी फाटक से चक्रव्यूह रचने लगे। लेकिन पिछले दिनों एक खबर ने सारी रणनीति पर पानी फेर दिया कि सांसद अफजाल अंसारी की बेटी जहुराबाद से चुनाव लड़ेंगी। यह खबर मीडिया के सुर्खियों में छायी रही। सांसद अफजाल अंसारी ने भी इसका खंडन नही किया। जिसपर राजनीतिक पंडि़त यह ध्यान लगाए हुए है कि सांसद अफजाल अंसारी बेटी या दोस्त में से किसको चुनते हैं।
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