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एमजेआरपी पब्लिक स्कूल में पर्यावरणविद् डॉ. राजेंद्र सिंह का हुआ भव्‍य स्‍वागत, बोले राजेंद्र सिंह-विश्‍व में तेजी से बढ़ रहा है जलसंकट

गाजीपुर। एमजेआरपी पब्लिक स्कूल में आज दिनांक 27 जून को प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और जल संरक्षणवादी “रेमन मैग्सेय पुरस्कार”, “स्टाकहोम (stockholm)जल पुरस्कार” अमेरिका की “अर्थ रिपेयर” भारत सरकार द्वारा पृथ्वी भूषण पुरस्कार से सम्मानित डॉ राजेंद्र सिंह जी का आगमन हुआ।सर्व प्रथम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में डा० राजेंद्र सिंह जी द्वारा स्कूल परिसर में पौधा लगा कर कार्यक्रम की शुरुआत की गयी।डा०राजेंद्र सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज विश्व में बहुत तेजी के साथ जल संकट गहरा होता जा रहा है।जल है तो कल है।उसके बगैर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है।धरती के गर्भ का 62% पानी खत्म हो गया है।जल संकट के रूप में एक प्रमुख वैश्विक खतरे का सामना मनुष्य आज कर रहा है।विश्व के सभी देशों व उद्योगपतियों के गलत व मनमाने तरीके से अपने आर्थिक ढांचे को बढ़ाने के लिए प्रकृति का भरपूर शोषण व दोहन कर रहे हैं जिससे दिन प्रतिदिन जल संकट गंभीर होता जा रहा है जो पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय हो गया है।सामुदायिक विकेंद्रित जल संरक्षण से ही इस समस्या का समाधान हो सकता है।आगे उन्होंने बताया कि हमने परंपरागत तरीके से वर्षा जल को संचित करने वाली संरचनाओं का निर्माण करके जिसको जोहाद कहते हैं,राजस्थान के कई नदियों को पुनर्जीवित किया गया है।सामूहिक भागीदारी के माध्यम से 10800 वर्ग किलोमीटर में 14800 छोटे बांध बनाकर न सिर्फ छोटी नदियों को जिंदा किया गया बल्कि राजस्थान के शुष्क परिदृश्य को भी बदलने का कार्य हुआ है।जल संरक्षण के साथ-साथ अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर अभी से जीवन को बचाने का प्रयास करना होगा।स्कूल के संस्थापक व पूर्व सांसद माननीय जगदीश सिंह कुशवाहा ने कहा कि आज हमारे बीच एक ऐसी शख्सियत उपस्थित है जिसने अपने जीवन के 50 वर्ष पानी को बचाने,संरक्षित करने तथा जल संसाधनों की बहाली के लिए समर्पित कर दिया।प्रतिष्ठित ब्रिटिश समाचार पत्र “द गार्जियन” ने 2008 में उन्हें 50ऐसे लोगों की सूची में शामिल किया था जो पृथ्वी को बचा सकते हैं।उनकी यह साधारण पुरुष से जल पुरुष बनने की यात्रा प्रेरणा देने वाली है।पानी की एक-एक बूंद कीमती है।जल प्रबंधन को सीख कर,हम पानी को बचाकर जीवन को बचा सकते हैं तथा जलवायु परिवर्तन को रोक सकते हैं।इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को आज से ही प्रयास करना होगा।विषेशकर बच्चों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।इस अवसर पर हाई स्कूल की परीक्षा में 90% से अधिक मार्क्स पाने वाले छात्र-छात्राओं को सर्टिफिकेट प्रदान कर उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त किया।कार्यक्रम के अंत में स्कूल के प्रबंधक राजेश कुशवाहा व प्रधानाचार्य सुदर्शन सिंह ने संयुक्त रूप से स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।

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