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बरहपुर नंदगंज की  महज 16 माह की उम्र में व्याप्ति जायसवाल को ‘Influencer Book of World Records’ में मिली पहचान

मुहम्मद खालिद

गाजीपुर। महज 16 माह की नन्हीं उम्र में असाधारण सीखने की क्षमता, स्मरण शक्ति और विभिन्न विषयों की पहचान करने के कौशल का प्रदर्शन कर व्याप्ति जायसवाल ने अपने परिवार का गौरव बढ़ाया है। उनकी इन विशेष उपलब्धियों के लिए Influencer Book of World Records की ओर से उन्हें ‘Rising Influencer’ प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। यह प्रमाणपत्र 21 अगस्त 2026 को जारी किया गया, जिसमें व्याप्ति की प्रारंभिक सीखने की क्षमता और बहुविषयक पहचान कौशल का उल्लेख किया गया है।व्याप्ति ने अपनी छोटी-सी उम्र में सीखने और चीजों को पहचानने की उल्लेखनीय क्षमता प्रदर्शित की है। वह स्वतंत्र रूप से 30 से अधिक जानवरों, पक्षियों और अन्य जीवों की पहचान करती हैं। इसके अलावा, वह लगभग 10 फलों और सब्जियों को पहचानने के साथ-साथ विभिन्न रंगों और आकृतियों की पहचान भी कर सकती हैं।व्याप्ति 1 से 10 तक की संख्याओं को पहचानती हैं।वह अंग्रेजी वर्णमाला के A से G तक के अक्षरों को उनसे संबंधित चित्रों के साथ पहचानती हैं, जैसे A से Apple और B से Ball। उनकी सीखने की क्षमता केवल किताबों और चित्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपने आसपास की वस्तुओं और दृश्यों को देखकर भी उन्हें पहचानने का प्रयास करती हैं।व्याप्ति की प्रतिभा का एक विशेष पहलू उनकी स्मरण शक्ति और सुनी हुई बातों को दोहराने की क्षमता है। प्रमाणपत्र में उल्लेख है कि वह गायत्री मंत्र का पाठ करती हैं और लगभग 10 नर्सरी कविताएं एवं बालगीत प्रस्तुत कर सकती हैं। इनमें ‘रिंगा रिंगा रोजेज’ जैसी लोकप्रिय बाल कविता भी शामिल है। वह देवी-देवताओं के चित्रों को पहचानती हैं तथा भारत के प्रधानमंत्री की तस्वीर को भी पहचानने में सक्षम हैं। धार्मिक मंत्रों और बालगीतों में उनकी रुचि परिवार के लिए विशेष खुशी का विषय है।व्याप्ति शरीर के अंगों की पहचान करती हैं। वह परिवार के सदस्यों और परिचित लोगों को उनकी तस्वीरों से पहचान लेती हैं। इसके साथ ही, वह सरल निर्देशों को समझकर उनका पालन करती हैं। ताली बजाना, बैठना, हाथ हिलाना और नृत्य करना जैसी गतिविधियों में भी भाग लेती हैं। उनकी इन क्षमताओं से उनकी अवलोकन शक्ति, स्मरण क्षमता और आसपास के वातावरण से सीखने की प्रवृत्ति का परिचय मिलता है।प्रमाणपत्र में व्याप्ति की सरल बातचीत में भाग लेने, अपनी बात व्यक्त करने, दूसरों की बातों को समझने और निर्देशों के अनुसार प्रतिक्रिया देने की क्षमता का भी उल्लेख है। उनकी संज्ञानात्मक क्षमता, पहचान कौशल, संचार क्षमता, अवलोकन शक्ति और शुरुआती सीखने की उपलब्धियों को इस सम्मान का आधार बताया गया है।व्याप्ति के पिता गौरव जायसवाल और माता आकांक्षा जायसवाल अपनी बेटी की इस उपलब्धि से बेहद प्रसन्न हैं। गौरव जायसवाल का पालन-पोषण गाजीपुर जिले के नंदगंज में हुआ है। व्याप्ति के दादा ओमप्रकाश जायसवाल और दादी अनीता जायसवाल भी इस उपलब्धि से गौरवान्वित हैं।परिवार का मानना है कि बच्चों की जिज्ञासा को समझना, उन्हें खेल-खेल में नई चीजें सिखाना और उनकी रुचियों को प्रोत्साहित करना उनके शुरुआती विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। व्याप्ति की यह उपलब्धि परिवार के लिए गर्व और खुशी का यादगार अवसर है। इतनी कम उम्र में विभिन्न विषयों में उनकी रुचि और सीखने की लगन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है।

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