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आम बजट 2018- 10 करोड़ परिवारों को हेल्थ प्रोटेक्शन देगी मोदी सरकार

नई दिल्ली/लखनऊ: फाइनेंस मिनिस्टर अरूण जेटली ने गुरुवार को मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट पेश किया। जेटली ने 8 राज्यों में चुनाव के मद्देनजर गरीबों-किसानों के लिए बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार 10 करोड़ परिवारों के लिए हेल्थ प्रोटेक्शन देगी। इसके तहत हर परिवार को हर साल 5 लाख रुपए दिए जाएंगे। 2022 तक सरकार ने देश के हर गरीब को घर देने का टारगेट रखा है। वहीं, सरकार ने 8 करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देने की बात कही है। जेटली ने इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है। वहीं, स्टैंडर्ड डिडक्शन की फिर से शुरूआत होगी।
अरुण जेटली ने कहा- मैडम स्पीकर, मैं 2018-19 का बजट पेश करने के लिए खड़ा हुआ हूं। चार साल पहले हमने देश की जनता को पारदर्शी सरकार का वादा किया था। हमने ऐसी लीडरशिप का वादा किया था जो तकलीफों को कम करेगी, इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाएंगे, गरीबी को खत्म करेंगे।
बजट में किस सेक्टर को क्या मिला?
मेडिकल
10 करोड़ परिवारों को हेल्थ प्रोटेक्शन
राष्ट्रीय बीमा योजना में गरीब परिवारों को शामिल किया गया है। बहुत सी राज्य सरकारों ने भी इसमें मदद की है। हम नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम की शुरुआत कर रहे हैं। 10 करोड़ गरीब और जरूरतमंद परिवारों को जोड़ा जाएगा। 5 लाख रुपए हर परिवार को हर साल दिए जाएंगे। ये दुनिया में सरकार की तरफ से हेल्थ की दिशा में उठाया गया सबसे बड़ा कदम है।
आयुष्मान भारत प्रोग्राम से 2022 में न्यू इंडिया के मिशन के पूरा होने में मदद मिलेगी। इन दो योजनाओं से लाखों रोजगारों का सृजन होगा। यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। टीबी से बहुत सारे लोगों की जान जाती है। सभी टीबी पेशेंट के सपोर्ट के लिए 600 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव कर रहे हैं।”
हेल्थ वेलनेस के लिए 1200 करोड़ रुपए
केवल स्वस्थ भारत ही समृद्ध भारत बन सकता है। इस दिशा में दो बड़े कदम हैं। डेढ़ लाख हेल्थ सेंटर बनाए गए थे, ये सेंटर लोगों के करीब तक पहुंचेंगे ताकि लोगों को मुफ्त दवाएं और जांच की सुविधा मिल सके। 1200 करोड़ रुपए हेल्थ वेलनेस सेक्टर के लिए रखे जाएंगे। हम सभी जानते हैं कि लाखों परिवारों के इलाज पर लाखों रुपए खर्च होते हैं।
महिलाएं
8 करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन
लकड़ी के धुएं से मुक्ति के लिए पीएम ने उज्ज्वला योजना शुरू की थी। इसके तहत सरकार 8 करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त कनेक्शन देगी, पहले 5 करोड़ लक्ष्य था। पीएम सौभाग्य योजना के तहत 4 करोड़ घरों को बिना शुल्क के बिजली दी जा रही है। 16 हजार करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन से गरीबों को लाभ पहुंचा है।
खेती और किसान
किसानों की आय दोगुना करने का हमारा लक्ष्य
भ्रष्टाचार का खात्मा हुआ है। प्रत्यक्ष कर में सुधार दुनिया में भारत की बड़ी सफलता के रूप में सामने आया है। कई दशकों तक भारत में एग्रीकल्चर की नीति उत्पादन तक केंद्रित रही है। 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का हमारा लक्ष्य है। इसके लिए हम किसानों से उम्मीद करते हैं कि और ज्यादा उनका उत्पादन बढ़ेगा। खेती हो या गैर कृषक कार्य, वहां पर किसानों की आय बढ़ाने का हमारा प्रयास है। अथक परिश्रम का परिणाम है कि कृषि उत्पादन रिकॉर्ड पर है। 275 मिलियन टन खाद्यान्न और 300 मिलियन टन फलों का उत्पादन हुआ है।
खरीफ की सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन बढ़ाने का फैसला
रबी की अधिकांश फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत से डेढ़ गुना तय किया जा चुका है। अब हम बची हुई फसलों के लिए भी इस संकल्प को सिद्धांत की तरह लागू करने का फैसला ले रहे हैं। मुझे खुशी हो रही है कि तय सिद्धांत के अनुसार सरकार ने आगामी खरीफ की सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य उत्पादन लागत से डेढ़ गुना करने का फैसला लिया है। ये ऐतिहासिक फैसला किसानों की आय दोगुनी करने में अहम होगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा देना ही पर्याप्त नहीं है। ये जरूरी है कि घोषित एमएसपी का पूरा लाभ मिले। अगर बाजार के दाम एमएसपी से कम हो तो या सरकार खरीदी करे या पूरी एमएसपी के लिए दूसरी व्यवस्था करे। नीति आयोग इसके लिए व्यवस्था तैयार करेगा।
वेयर हाउस पर जोर
सरकार सभी अन्य मंत्रालयों के साथ बात कर रही है ताकि किसानों को फसल का सही दाम मिल सके। वेयर हाउस की व्यवस्था को सुधारे जाने पर भी जोर दिया जा रहा है। 46 फीसदी किसान छोटे हैं और सीमांत किसान हैं उनकी ऐबीएमसी तक सीधी पहुंच नहीं है। हम ऐसा ग्रामीण मार्केट बनाने जा रहे हैं, जिससे किसान सीधे जुड़ सके। ग्रामीण हाट कृषि बाजार के रूप में डेवलप होंगे। 2000 करोड़ का कोष इसके लिए रखा गया है। ये काम मार्च 2019 तक खत्म हो जाएगा।
ऑर्गेनिक खेती के लिए 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे
1000 से ज्यादा हेक्टेयर वाले क्षेत्रों में ऑर्गेनिक खेती को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। ऐसे पौधे जिनका दवाइयों में इस्तेमाल होता हो, उनका भी उत्पादन बढ़ाने पर सरकार जोर दे रही है। 200 करोड़ रुपए इसके लिए रखे गए हैं। फूड प्रोसेसिंग 8 फीसदी की दर से हर साल बढ़ रहा है। इसके लिए 715 करोड़ रुपए रखे गए थे। टमाटर, प्याज और आलू बेसिक वेजिटेबल हैं। सालभर इसका इस्तेमाल होता है। ऑपरेशन फ्लड की तर्ज पर ऑपरेशन ग्रीन की स्थापना होगी। 500 करोड़ रुपए रखे जाएंगे। भारत का कृषि उत्पादन का निर्यात 100 बिलियन यूएस डॉलर से ज्यादा है।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना को करेंगे प्रमोट
42 मेगा फूड पार्क का हम प्रस्ताव कर रहे हैं स्टेट ऑफ आर्ट के लिए। किसान क्रेडिट कार्ड योजना का विस्तार, फिशरी और एनिमल हजबैंडरी का भी प्रस्ताव कर रहे हैं। राष्ट्रीय बांस मिशन के लिए 1290 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है। बहुत से किसान सौर ऊर्जा वाले वाटर पंप लगाना चाहते हैं, इसके लिए सरकार मदद देगी। नाबार्ड के तहत भारत सरकार ने सिंचाई कोष बनाया था, इसमें विकास के अलग सेक्टर्स के 42 कमांड एरिया पर ध्यान दिया गया है। पिछले साल भी डेयरी, माइक्रो इरीगेशन पर जोर दिया था। फिशरी और एक्वाकल्चर डेवलपमेंट फंड की स्थापना सरकार करेंगे।
किसानों को आसानी से मिलेगा कर्ज
मछली पालन और पशु पालन के लिए दो नए फंड हैं, जिसके लिए 10 हजार करोड़ रुपए रखे जा रहे हैं। कृषि क्षेत्र में संस्थागत कर्ज के लिए साढ़े आठ लाख करोड़ से बढ़कर 10 लाख करोड़ किया गया था। 2018-19 में इसे 11 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव करता हूं। किसान कृषि लोन से वंचित रह जाते हैं। नीति आयोग राज्य सरकारों के साथ विचार कर रहा है, ताकि ऐसा सिस्टम बने, जिससे किसानों को कर्ज लेने में सुविधा मिले।

गांवो को सड़कों से जोड़ेंगे
जितने गांव हैं, उन्हें ग्रामीण बाजारों के साथ अच्छी सड़कों से जोड़े जाने की व्यवस्था है। भारत एक कृषि प्रधान देश है, वैसे ही देश के जिलों में विशिष्ट कृषि उत्पादन के लिए जाने जाते हैं। जैसे उद्योग जगत में क्लस्टर बेस डेवलपमेंट का मॉडल है, वैसे ही जिलों में भी क्लस्टर मॉडल पर हार्टीकल्चर को डेवलप किए जाने की जरूरत है।”
स्वच्छ इंडिया
6 करोड़ शौचालय बनाए, 2 करोड़ और बनाएंगे
6 करोड़ शौचालय बनाए गए हैं, इसका सकारात्मक प्रभाव नारी की गरिमा, बेटी की शिक्षा और परिवार के स्वास्थ्य पर पड़ा। हमारा आगे 2 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य है।”
एजुकेशन
शिक्षकों की क्वालिटी पर ध्यान देंगे
हेल्थ, एजुकेशन और सोशल प्रोटक्शन भारत सरकार के लिए अहम है। हम प्री नर्सरी से 12वीं तक शिक्षा को एकसाथ देखना चाहते हैं, जिससे इस क्षेत्र में विकास होगा। शिक्षकों की क्वालिटी को हम सुधारना चाहते हैं। इनकी ट्रेनिंग पर ध्यान देने की जरूरत है। ये नाजुक हालात हैं। डिजिटल इंटेंसिटी को हम बढ़ावा दे रहे हैं। शिक्षकों के लिए एकीकृत बीएड शुरू किया जा रहा है।”
आदिवासी इलाकों में बनेंगे रेसिडेंशियल स्कूल
आदिवासी इलाकों में उसी परिवेश में शिक्षा दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है। अब हमने तय किया है कि 2022 तक आदिवासी इलाकों में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल बनेंगे। ये सर्वोदय विद्यालय की तर्ज पर होगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हम बड़ी पहल कर रहे हैं। अगले 4 साल में एक लाख करोड़ रुपए इसके लिए रखे जाने का प्रस्ताव है। 2022 तक राइज को लॉन्च किया जाएगा। इसमें पब्लिक और प्राइवेट क्षेत्रों की संस्थाओं को लिया जाएगा। बड़ोदरा में रेलवे यूनिवर्सिटी का गठन होगा। आईआईटी के तहत 18 प्लानिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर के स्कूल खोले जाएंगे। पीएम रिसर्च एंड फेलोशिप प्रोग्राम में 100 छात्रों का चयन किया जाए जिन्हें शिक्षा और फेलोशिप दी जा सके।
24 नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे
24 नये मेडिकल कॉलेज खुलेंगे। गोवर्धन की योजना ला रहे हैं। ये पशुओं को मलमूत्र को गैस और सीएनजी में कनवर्ट करेगा। पीएम जीवन बीमा योजना से 5.22 करोड़ परिवारों को फायदा हुआ। 13.25 करोड़ लोग इस योजना से जुड़े हैं। इसमें 12 रुपए का प्रीमियम प्रतिवर्ष रखा गया है। भारत गरीब परिवारों को इसके तहत लाने का प्रयास कर रही है। पीएम जनधन योजना के तहत जितने एकाउंट खोले गए हैं, उन्हें भी असंगठित क्षेत्रो के रोजगारों से जोड़ा जाएगा।
इन्फ्रास्ट्रक्चर
रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर में सरकार ने 9000 करोड़ नेशनल हाईवे का लक्ष्य पूरा किया गया। भारत माला से दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों को जोड़ने का काम चल रहा है। सीमा क्षेत्रों में सड़कों की कनेक्टिविटी पर हम जोर दे रहे हैं। पर्यटन के क्षेत्र को बढ़ावा, इमरजेंसी मेडिकल केयर को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं। स्मार्ट सिटी मिशन की शुरुआत की गई है। 99 शहरों का चयन किया गया है।
रेलवे

सभी ट्रेनों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
रेलवे नेटवर्क का सवाल है, उसे हम मजबूत करना चाहते हैं। रेलवे के 4000 किलोमीटर के क्षेत्र के विद्युतीकरण पर हम जोर दे रहे हैं। सभी गाड़ियों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे।” अत्याधुनिक मशीनरी ट्रेनों में लगाई जाएगी ताकि लोगों को फायदा मिल सके। मुंबई का रेलवे सिस्टम के लिए 11 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
बैंगलोर सिटी के लिए 17 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट शुरू हो चुका है। वड़ोदरा में हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट के लिए मशीनरी की जरूरतों को पूरा किया जाएगा।
रेलवे के पास बेकार पड़ी भूमि का लाभ उठाने के लिए दूसरी संस्थाओं से सहयोग लिया जाएगा।
एविएशन
16 नए एयरपोर्ट बनेंगे
उड़ान भारत सरकार की ऐसी पहल है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग विमान यात्रा का फायदा उठा सके। 16 जगह एयरपोर्ट बनाए गए हैं। हवाई चप्पल पहनने वाले भी हवाई यात्रा कर सकते हैं। अब 120 एयरपोर्ट हैं और इसे हम पांच गुना ज्यादा बढ़ाना चाहते हैं। हर साल उड़ानों को हम एक बिलियन करना चाहते हैं।
डिजिटिलाइजेशन
5 लाख गांवों में पहुंचाएंगे ब्रॉडबैंड
एक लाख ग्राम पंचायतों को हम और अधिक मजबूत करेंगे ताकि उन्हें हर सुविधा दी जा सके। 5 लाख गांवों में हम ब्रॉडबैंड पहुंचाएंगे, इसके लिए 5 लाख करोड़ रुपए का प्रस्ताव है।
आधार
आधार ने लोगों के जीवन को आसान बनाया है। सरकार ने हर स्कीम को इस यूनीक आईडी से जोड़ने की शुरुआत की है। सरकार ने 372 बेसिक बिजनेस रिफॉर्म्स किए हैं। इसे मिशन मोड पर किया जा रहा है।
और क्या एलान किया जेटली ने
115 जिलों में लोगों के जीवन सुधार के लिए काम होगा
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना सफल रही है। 1.26 करोड़ एकाउंट लड़कियों के नाम से खोले गए हैं। गंगा सफाई हमारे लिए राष्ट्रीय जरूरत है। इसके तहत 187 योजनाओं को मंजूरी मिली है नमामि गंगे के तहत। ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय के लिए 16.71 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। गंगा के किनारे के 4465 गांव खुले में शौच से मुक्त हो गए हैं। सरकार ने 115 ऐसे जिलों की पहचान की है, जहां क्वालिटी में सुधार, जीवन स्तर में सुधार और सेवाओं में सुधार करने का काम किया जाएगा। 115 ऐसे जिले हैं, जिन्हें विकास का मॉडल बनाया जा सकता है। एससी के लिए 52719 करोड़ रुपए, एसटी के लिए 32508 करोड़ रुपए किया गया है। 1.83 लाख करोड़ रुपए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में खर्च किया जाएगा।
पिछले तीन साल में गरीबों के लिए का किया
हरियाणा, पंजाब, दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या के निपटारे के लिए काम करना था। गरीबी को बहुत करीब से देखकर हमारा शीर्ष नेतृत्व यहां तक पहुंचा है। गरीब और मध्यम वर्ग के लिए वे खुद ही केस स्टडी हैं। पिछले तीन सालों से सरकारी योजनाओं का केंद्र गरीब और मध्यम वर्ग रहा है। ये सरकार गरीबों की समस्याओं को दूर करने का प्रयास करती रही है।
हर गरीब को घर देंगे 2022 तक
गरीब की चिंता सिर पर छत की होती है। गरीब को बस ईमानदारी की कमाई से छोटा सा मकान चाहिए होता है। इसके लिए सरकार मदद कर रही है। 2022 तक देश के हर गरीब को घर देने का लक्ष्य है। पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत 2017-18 और 2018-19 में एक करोड़ घर बनाए जा रहे हैं। इसके लिए फंड की स्थापना होगी।

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