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वर्ष 2018: सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों के सामने है विकास की चुनौती

शिवकुमार

गाजीपुर। जिले के एक कैबिनेट मंत्री और चार सत्‍ताधारी विधायकों का विकास के प्‍लेट फार्म पर वजूद का परीक्षा 2018 में होगा। जहूराबाद विधानसभा से भारतीय समाज पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, भासपा के विधायक त्रिवेणी राम व भाजपा की विधायक अलका राय, सुनीता सिंह, संगीता बलवंत योगी सरकार में जबरदस्‍त पकड़ के बाद अब वह जिले के धरती पर कितना विकास करा पाती हैं। इन्‍ही के विकास कार्यो के बल पर भाजपा बलिया और गाजीपुर लोकसभा सीट पर दमदारी से अपनी दावेदारी ठोकेगी। जहूराबाद विधानसभा में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को पूर्व मंत्री शादाब फातिमा का विकास कार्य चुनौती दे रहा है। शादाब फातिमा ने कासिमाबाद तहसील का निर्माण, कठवा मोड़ से कासिमाबाद, सिधागर घाट तक का टू-लेन सड़क मार्ग, मुहम्‍मदाबाद, कासिमाबाद, बहादुरगंज, मऊ तक का टू-लेन सड़क मार्ग व विधानसभा में सैकड़ों संपर्क मार्ग का निर्माण कराया है। शिवपाल यादव का विशेष कृपा पूर्व राज्‍य मंत्री शादाब फातिमा पर सपा सरकार में था। इसलिए जहूराबाद में सबसे ज्‍यादा जिले में विकास कार्य हुआ। योगी सरकार बनने के बाद अभी तक कोई विकास कार्य धरातल पर नही दिखाई दे रहा है। जो सड़के अधूरी थीं उसपर अभी तक कोई कार्य शुरु नही हुआ। मुहम्‍मदाबाद विधानसभा में भी सड़क, स्‍वास्‍थ्‍य व शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं पर कोई ठोस योजना धरातल पर नजर नही आ रही है। जिसके बदौलत जनता के अदालत में जाया जा सके। जमानियां विधानसभा में समस्‍याओं का ही अंबार है। जिले में सबसे खराब सड़कों की दशा जमानियां विधानसभा में है। सड़कों के दुर्दशा पर ही जमानियांवासियों ने पूर्व मंत्री को तीसरे नम्‍बर पर ला दिया। इसके बाद सिंचाई, स्‍वास्‍थ्‍य व शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी कोई ठोस योजना नही बनी है। सदर विधानसभा में डा. संगीता बलवंत को जनता ने भारी बहुमत से चुनाव जिताया था। भारी बहुमत में जनता की भारी अपेक्षायें छि‍पी थी। जनअकांक्षाओं पर खरा न उतरने के कारण सदर विधायक के लोकप्रियता का ग्राफ दिन-प्रतिदिन गिर रहा है। सपा सरकार में 300 बेड का नवनिर्मित सरकारी अस्‍पताल में पुराने अस्‍पताल का स्‍थानांतरण, सरकार अस्‍पतालों में चिकित्‍सकों की कमी, स्‍वास्‍थ्‍य संसाधनों की कमी, क्षेत्र की जर्जर सड़कों, शिक्षा और योगी सरकार के घोषणा के बावजूद भी अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍टेडियम का निर्माण शुरु न होना, प्रेक्षागृह का निर्माण कच्‍छप गति से चलना आदि मुद्दे सदर विधायक के सामने चुनौती बनकर खड़ी है। जखनियां विधानसभा में भासपा के विधायक त्रिवेणी राम भी अपने विधानसभावासियों को बुनियादी सुविधायें उपलब्‍ध कराने में फेल नजर आ रहे हैं। क्षेत्र की जर्जर सड़के, धान-खरीद केंद्र, स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों में डाक्‍टरों व दवाओं की कमी आदि समस्‍याएं उन्‍हे चुनौती दे रही है। देखना है कि इस वर्ष 2018 में यह जनप्रतिनिधि इन समस्‍याओं पर कैसे विजय प्राप्‍त करते हैं जिससे कि भाजपा 2019 का मिशन पूरा करेगी।

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