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पति के दुत्कार के बाद पत्नीे ने थाने में लगायी न्याय की गुहार

सैदपुर। जब पति ही पत्नी को स्वीकार करने से मनाकर दे और घर से निकाल दे पत्नी कहां जाएगी। ऐसा ही एक मामला थानाक्षेत्र के भितरी के मिर्जापुर गांव से सामने आया है। जब पति ने पत्नी को चार माह पूर्व मायके पहुंचा दिया और अब पत्नी द्वारा बार बार मिन्नत करने के बावजूद पति के साथ ही ससुराली भी उसे साथ रखने को तैयार नहीं हैं। थक हारकर पत्नी ने थाने का दरवाजा खटाखटाया है। वाराणसी के रोहनिया थानाक्षेत्र के सुमन विश्वकर्मा पुत्री दीनानाथ की शादी 12 वर्ष पूर्व 2005 में भितरी के मिर्जापुर निवासी शैलेंद्र विश्वकर्मा पुत्र रामजन्म विश्वकर्मा संग हुई थी। शादी के बाद पति पत्नी में मामूली झगड़े भी होते रहते थे। इस दौरान सुमन को दो पुत्रियां वर्तिका 6 व कृतिका 3 हुईं। सुमन का आरोप है कि पति का संबंध कुछ माह से मुहल्ले की एक ही लड़की के साथ हो गया है। उसका फोन भी आता है। विरोध करने पर वो मुझे बच्चों के सामने मारते पीटते हैं। इन सबमें ससुर व पति के अलावा सास लीलावती व देवर सुजीत भी शामिल हैं। उसका कहना है कि इसके पूर्व में विरोध करने पर पति ने मेरे ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क दिया था। वहीं ये भी कहा कि पति शैलेंद्र ने 10 मई को मुझे मायके पहुंचा दिया और इसके बाद ले जाने के लिए कहने पर मायके में जाकर मेरे पिता को सबके सामने मारापीटा था। बताया कि इसके बाद वो दुबई भाग गए। इसके बाद कई बार मैं ससुराल आई लेकिन सास ससुर मुझे बाहर से ही भगा देते हैं और दरवाजा बंद कर देते हैं। पति से कहने पर वो कहते हैं कि मुझे मेरे दोनों बच्चे दे दो और अपने मायके चली जाओ, हमसे कोई रिश्ता नहीं है तुम्हारा। सुमन अपनी शिकायत को लेकर अपनी मां व पिता संग कोतवाली में आकर न्याय की गुहार लगा रही है। इस बाबत कोतवाल शरतचंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। कोतवाली आकर इस मामले में शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी।

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